Sunday, 5 April 2020

कोरोना के इस कहर मे, क्या खोया, क्या पाया ।

कोरोना के इस कहर मे,
क्या खोया, क्या पाया ।

पाठशालाए बंध हुई,
आत्मचिंतन का समय पाया।

गाड़ी के थम गए पहिए,
प्रदूषण मुक्त पर्यावरण पाया।

पर्यटन व्यवस्था बंध हुई,
पुरानी यादों का भंडार पाया।

व्यस्त जीवन के माहौल से निकलर,
परिवार से जुड़ने का अवसर पाया।

बाहर के भोजन का त्याग कर,
माँ का ममतापूर्ण प्यार पाया।

मंदिर में बैठे ईश्वर से दूर रहके भी,
अंतरमन के ईश्वर का आशीर्वाद पाया।

जीवन की भागदौड़ को छोड़ कर,
प्रकृति को समझनेका अवसर पाया।

सच कहु तो ना कुछ खोया,
इस माहौल में राष्ट्रने,
एकता का अहसास पाया।

Author:

Uttam Trasadiya

Date: 05.04.2020

Email: uttam@uttamtrasadiya.in